देहरादून बार एसोसिएशन में उथल-पुथल, चार दिन में चार पदाधिकारियों ने इस्तीफा

0

देहरादून बार एसोसिएशन में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। एसोसिएशन के दो और पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में एक ऑडिटर और एक सेवन-प्लस मेंबर शामिल हैं। खास बात यह है कि पिछले चार दिनों के भीतर कुल चार पदाधिकारी अपने पद छोड़ चुके हैं। इससे पहले बार एसोसिएशन के सचिव और उपाध्यक्ष भी इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने न केवल बार एसोसिएशन के भीतर चर्चा बढ़ा दी है, बल्कि इसे प्रदेश की कानूनी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

इन सभी चारों पदाधिकारियों ने उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव लड़ने का फैसला किया है। नियमों के अनुसार, बार काउंसिल के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए किसी भी पदाधिकारी को अपने वर्तमान पद से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। इसी वजह से इन्हें पद छोड़ना पड़ा है।

इस्तीफों के इस सिलसिले ने अधिवक्ताओं के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है। कुछ अधिवक्ता इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे बार एसोसिएशन में बढ़ते भीतरघात और चुनावी तैयारियों का संकेत मान रहे हैं।

उधर, देहरादून बार एसोसिएशन इन दिनों एक बड़े आंदोलन के बीच है। अधिवक्ता लंबे समय से कोर्ट परिसर में चैंबर निर्माण की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए बार एसोसिएशन पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि चैंबर न होने से उन्हें कामकाज में दिक्कत हो रही है और सुविधाओं की कमी से न्याय प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है।

इस पूरे विवाद और इस्तीफों के बीच अधिवक्ताओं की मांग अभी भी जस की तस है और आंदोलन जारी है। बार एसोसिएशन जल्द ही नई रणनीति पर भी विचार कर सकता है, खासकर तब जब कई पदाधिकारी चुनावी कारणों से पद छोड़ चुके हैं।

इस्तीफों का असर बार एसोसिएशन की आंतरिक संरचना पर क्या पड़ेगा और सरकार की ओर से चैंबर निर्माण को लेकर आने वाले दिनों में क्या कदम उठाए जाएंगे—इस पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *