चकमा हत्याकांड: बर्फीली पहाड़ियों में छिपा मुख्य आरोपी, खराब मौसम से पुलिस की घेराबंदी हुई धीमी
चकमा हत्याकांड
उत्तराखंड के चर्चित चकमा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। एंजेल चकमा हत्याकांड का मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी फिलहाल भारत–नेपाल सीमा से सटी बर्फीली पहाड़ियों में छिपा होने की आशंका जताई जा रही है। लगातार बिगड़ते मौसम और भारी बर्फबारी के कारण पुलिस की सर्च टीमें फिलहाल वापस लौट आई हैं, जिससे ऑपरेशन की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
देहरादून पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गृह मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही नेपाल सरकार और नेपाल पुलिस से भी लगातार संपर्क और समन्वय बनाया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं और सर्द मौसम में वहां लंबे समय तक सर्च ऑपरेशन चलाना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
यह मामला 9 दिसंबर का है, जब सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद के दौरान कुछ युवकों ने त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा पर हमला कर दिया था। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने पास की दुकान से चाकू उठाकर एंजेल पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी घटना के बाद से ही फरार है और पिछले करीब 25 दिनों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने घटना के बाद से अपना मोबाइल फोन एक बार भी चालू नहीं किया है। उसने न तो अपने माता-पिता से संपर्क किया और न ही किसी रिश्तेदार या दोस्त से। इस कारण पुलिस को उसकी लोकेशन या मूवमेंट से जुड़ा कोई तकनीकी सुराग नहीं मिल पा रहा है, जिससे जांच और जटिल हो गई है।
फिलहाल, पुलिस नेपाल पुलिस के साथ समन्वय बनाए हुए है और जैसे ही मौसम में सुधार होगा या कोई ठोस इनपुट मिलेगा, सर्च टीमें एक बार फिर सीमा क्षेत्र में रवाना की जाएंगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं और कानून के शिकंजे से उसे बचने नहीं दिया जाएगा।
