मकर संक्रांति पर हरिद्वार में ट्रैफिक सख्ती, भारी वाहनों की एंट्री बंद, रूट प्लान जारी
हरिद्वार
लोहड़ी और मकर संक्रांति के पावन स्नान पर्व पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त यातायात व्यवस्था लागू की है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए सोमवार रात 12 बजे से पर्व समाप्ति तक शहर में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने यातायात प्लान को लेकर अधिकारियों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि हरिद्वार आने से पहले रूट डायवर्जन प्लान अवश्य देख लें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, यदि यातायात का दबाव अधिक बढ़ता है तो भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। चीला मार्ग को ऋषिकेश से केवल एक्जिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। चंडी चौक पर दबाव बढ़ने की स्थिति में 4.2 डायवर्जन से वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी। सामान्य यातायात को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा।
टोल प्लाजा पर अधिक भीड़ होने पर वाहनों को नहर पटरी मार्ग से निकाला जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को भी आवश्यकता पड़ने पर मोहंड मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों और जिलों से आने वाले वाहनों के लिए शहर के बाहर और भीतर कई स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव न पड़े।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले वाहन अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में पार्क किए जाएंगे। अत्यधिक दबाव की स्थिति में वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग की ओर भेजा जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।
ऑटो और विक्रम वाहनों के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू रहेगा। कई प्रमुख पुलों और मार्गों पर इनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए की गई हैं। प्रशासन ने सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन कर पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाएं।
