दिवारा यात्रा में गेट तोड़ने पर डीएम ने दी चेतावनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर गुंडा एक्ट लागू होगा
दिवारा यात्रा
रुद्रप्रयाग जिले में अगस्त्यमुनि में ऋषि अगस्त्य मुनि महाराज की दिवारा यात्रा के दौरान हुए हंगामे को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, नेशनल हाईवे अवरुद्ध करने और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बार-बार अपराध करने वालों पर गुंडा एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने दिवारा यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही कर दिए थे। डोली को मंदिर से गद्दीस्थल तक ले जाने के लिए वही पारंपरिक मार्ग निर्धारित किया गया था, जिसका उपयोग 2003 और 2009 की यात्राओं में किया गया था। बावजूद इसके कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न की और गेट तोड़ दिया। इसके कारण न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची, बल्कि नेशनल हाईवे-107 पर लगभग 4 से 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर समिति और प्रशासन के बीच मार्ग को लेकर पहले ही वार्ता हो चुकी थी, इसलिए इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन ने सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उपद्रवियों को चिन्हित करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। गेट तोड़ने, ड्यूटी पर तैनात पुलिस और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, नेशनल हाईवे को अवरुद्ध करने और जनता को घंटों जाम में फंसाने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी अपील की कि श्रद्धालु और स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा का आनंद लें और प्रशासन द्वारा बनाए गए मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि धार्मिक आस्था के नाम पर कानून और अनुशासन को चुनौती नहीं दी जा सकती और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
