उत्तराखंड गृह विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, आईजी निवेदिता कुकरेती बनीं विशेष सचिव गृह
आईजी निवेदिता कुकरेती
उत्तराखंड गृह विभाग में अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अपर सचिव गृह की जिम्मेदारी संभाल रहीं आईपीएस अधिकारी निवेदिता कुकरेती को अब विशेष सचिव गृह बनाया गया है। इस संबंध में गृह सचिव शैलेश बगौली की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब राज्य में आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और पुलिस समन्वय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मजबूती की आवश्यकता मानी जा रही है।
आईपीएस निवेदिता कुकरेती वर्ष 2008 बैच की अधिकारी हैं और इसी वर्ष उन्हें आईजी पद पर पदोन्नति मिली थी। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में प्रभावी भूमिका निभाई है। गृह विभाग में उनकी नई तैनाती को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेष सचिव गृह की जिम्मेदारी के साथ-साथ अब एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) का दायित्व भी निवेदिता कुकरेती को सौंपा गया है। आपदा संभावित राज्य उत्तराखंड में एसडीआरएफ की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को यह जिम्मेदारी देना गृह विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इससे पहले गृह विभाग में आईजी रिद्धिम अग्रवाल विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं, जिन्हें पिछले वर्ष आईजी कुमाऊं की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहीं, पुलिस विभाग में एक अन्य अहम नियुक्ति के तहत आईजी सुनील कुमार मीणा को उत्तराखंड पुलिस का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। वर्ष 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील मीणा वर्तमान में आईजी कानून व्यवस्था का चार्ज संभाल रहे हैं और प्रदेश के कई जिलों में कप्तान के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
गृह विभाग और पुलिस महकमे में किए गए ये बदलाव राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
