नया साल 2026: देवभूमि में आस्था और उत्साह का संगम, मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब
नया साल 2026
उत्तराखंड में नए साल 2026 का स्वागत आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। पहाड़ से मैदान तक नववर्ष की सुबह मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, चमोली सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर तड़के से ही भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे। रात में लोगों ने आतिशबाजी और पारिवारिक आयोजनों के साथ जश्न मनाया, जबकि सुबह नए साल की शुरुआत ईश्वर की आराधना से की गई।
राजधानी देहरादून के प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में भोर से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। हरिद्वार के मंदिरों और गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने नववर्ष का स्वागत किया।
चमोली जिले में गोपीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान गोपीनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। परिवार की कुशलता और प्रदेश की तरक्की के लिए प्रार्थनाएं की गईं। वहीं, श्रीनगर के कमलेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि नए साल की शुरुआत भगवान के चरणों में करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में राज्य के नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी नववर्ष पर शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
कुल मिलाकर, नए साल के पहले दिन देवभूमि में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
