उत्तराखंड: सितारगंज में साइबर ठगी का मामला, 12 राज्यों के 22 लोगों से लाखों की ठगी
साइबर ठगी
उत्तराखंड के सितारगंज में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जानकारी के अनुसार, यह ठगी पूरे देश के 12 अलग-अलग राज्यों में फैली हुई थी और 22 लोगों को इसका शिकार बनाया गया। कुल लगभग 2.44 लाख रुपये की राशि ठगी के जरिए हड़प ली गई।
मामला इस तरह का है कि पीड़ितों से धोखाधड़ी करके उनकी राशि एसबीआई सितारगंज शाखा में खोले गए फर्जी खातों में जमा कराई जाती थी। बैंक के फर्जी खातों के जरिए यह रकम आरोपी अपने नियंत्रण में रखते थे और धीरे-धीरे निकालकर खुद इस्तेमाल कर रहे थे। इस तरह की ठगी में आमतौर पर सोशल मीडिया या कॉल के माध्यम से लोगों को फंसाया जाता है।
पुलिस ने बताया कि मामले की तफ्तीश के दौरान आरोपी खाता संचालक और उनके सहयोगियों की पहचान की गई। इसके आधार पर छह लोगों के खिलाफ साइबर अपराध की प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि फर्जी खातों के माध्यम से कितने लोगों से कितनी राशि हड़पी गई और इसे किस तरह से वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस ने नागरिकों को भी सावधान रहने की सलाह दी है। कहा गया कि किसी भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, कॉल या संदेश के जरिए अपनी बैंक डिटेल साझा करते समय सतर्क रहें। अनजान स्रोतों से आए लिंक या फर्जी कॉल को नजरअंदाज करना चाहिए।
जांच अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, पीड़ितों के नुकसान की भरपाई और फर्जी खातों के ज़रिये किए गए लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। यह मामला राज्य में साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी चेतावनी बन गया है।
