उत्तराखंड ने खोया जननेता: पूर्व विधायक राजेश जुवांठा का निधन, सीएम धामी सहित कई नेताओं ने जताया शोक
राजेश जुवांठा
पुरोला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजेश जुवांठा का सोमवार को निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून स्थित महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मंगलवार को शांतिधाम में उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। दोपहर 12 बजे कल्याणपुर स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना है। उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के लोगों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया है।
राजेश जुवांठा वर्ष 2007 से 2012 तक पुरोला विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए। सरल स्वभाव और जमीनी स्तर पर सक्रिय राजनीति के कारण वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहे।
वे उत्तर प्रदेश की पूर्व मुलायम सिंह यादव सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे स्वर्गीय बर्फिया लाल जुवांठा के पुत्र थे। बर्फिया लाल जुवांठा को पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों के लिए आज भी याद किया जाता है। वहीं राजेश जुवांठा की माता शांति जुवांठा भी नगर पालिका विकासनगर से दो बार अध्यक्ष रह चुकी हैं।
पूर्व विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजेश जुवांठा का असमय निधन राज्य की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इसके अलावा विधायक विकासनगर मुन्ना सिंह चौहान, विधायक चकराता प्रीतम सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शोक संवेदनाएं प्रकट की हैं।
राजेश जुवांठा अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके आकस्मिक निधन से परिवार के साथ-साथ समर्थकों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख है। स्थानीय नेताओं और संगठनों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जाना क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
