यमकेश्वर में बब्बर शेर की वायरल वीडियो से हड़कंप, दहशत में ग्रामीण
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड में बब्बर शेर के दिखाई देने के दावे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो के बाद माला गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में डर और दहशत का माहौल है। दावा किया जा रहा है कि माला गांव स्थित पतंजलि के धन्वंतरि धाम में निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों ने बब्बर शेर को देखा और उसका वीडियो भी बनाया।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक मजदूर ने रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में बब्बर शेर आसपास के जंगलों में मौजूद है, तो ग्रामीणों और मजदूरों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार राजपाल बिष्ट ने बताया कि बब्बर शेर दिखने की खबर के बाद मजदूरों में भय का माहौल है। कई मजदूरों ने डर के कारण काम पर आना बंद कर दिया है और कुछ ने माला गांव छोड़ने की भी बात कही है। इससे धन्वंतरि धाम में चल रहे निर्माण कार्य पर भी असर पड़ रहा है।
हालांकि, वन विभाग ने यमकेश्वर क्षेत्र में बब्बर शेर की मौजूदगी की संभावना से फिलहाल इंकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि बब्बर शेर यानी एशियाई शेर मुख्य रूप से गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान और उसके आसपास के इलाकों में पाए जाते हैं। गुजरात से सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में उनका पहुंचना लगभग असंभव माना जाता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो और फोटो की गंभीरता से जांच की जा रही है। लैंसडाउन वन प्रभाग के एसडीओ सुधीर कुमार ने बताया कि माला गांव से जुड़े फोटो और वीडियो की तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा कि वीडियो में दिख रहा जानवर वास्तव में बब्बर शेर है या कोई अन्य वन्य जीव।
फिलहाल वन विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर गश्त तेज करने की भी बात कही गई है। वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आने तक यमकेश्वर के लोग डर और अनिश्चितता के साए में जीने को मजबूर हैं।
