लेखक गांव में अटल स्मृति व्याख्यान माला, सीएम धामी और राज्यपाल ने अटल जी के विचारों को किया नमन
अटल स्मृति व्याख्यान माला
देहरादून के थानो स्थित लेखक गांव में अटल स्मृति व्याख्यान माला का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साहित्यिक, राजनीतिक और वैचारिक योगदान को स्मरण करना और नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाना रहा।
व्याख्यान माला के पहले सत्र का शुभारंभ राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को एक महान कवि, संवेदनशील लेखक और दूरदर्शी प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने कहा कि अटल जी का कार्यकाल और उनके विचार सदैव स्मरण किए जाएंगे। राज्यपाल ने यह भी कहा कि लेखक गांव अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो साहित्य, संवाद और विचार-विमर्श का केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड को अलग राज्य का स्वरूप दिया, जो प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि अटल जी की दूरदर्शिता के कारण ही पहाड़ी राज्य का सपना साकार हो सका। मुख्यमंत्री ने अटल जी के प्रधानमंत्री काल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से उत्तराखंड सहित पूरे देश को विकास की नई दिशा मिली। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु परीक्षण के माध्यम से अटल जी ने देश को वैश्विक मंच पर मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की कुछ चर्चित कविताएं भी सुनाईं, जिन्हें सुनकर उपस्थित श्रोता भावुक हो उठे। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
अटल स्मृति व्याख्यान माला के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, आदर्शों और मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन को लेकर लेखक गांव में उत्साह का माहौल रहा और इसे साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
