अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर, सिटिंग जज की निगरानी में CBI जांच की मांग तेज

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अंकिता भंडारी

अंकिता भंडारी

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दी। कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर रविवार को किए गए उत्तराखंड बंद का प्रदेशभर में मिला-जुला असर देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों में बंद का व्यापक असर रहा, जबकि शहरी क्षेत्रों में जनजीवन लगभग सामान्य बना रहा।

बंद के दौरान कई जिलों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। पौड़ी, श्रीनगर, कीर्तिनगर, श्रीकोट, दुगड्डा, सतपुली, बीरोंखाल, एकेश्वर, पोखड़ा, देवप्रयाग और हिंडोलाखाल में अधिकतर दुकानें बंद रहीं। वहीं कोटद्वार और लैंसडौन जैसे शहरी क्षेत्रों में दुकानें खुली नजर आईं। चमोली जिले में भी बंद का असर आंशिक रहा। नंदानगर, कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण और गौचर में बाजार बंद रहे, जबकि गोपेश्वर और ज्योतिर्मठ में साप्ताहिक अवकाश के कारण पहले से ही दुकानें बंद थीं।

रुद्रप्रयाग जिले में अधिकांश बाजार बंद रहे। टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में कहीं बाजार खुले तो कहीं बंद रहे। साप्ताहिक अवकाश के चलते घनसाली, लंबगांव और नरेंद्रनगर की अधिकतर दुकानें भी बंद रहीं। हालांकि, देहरादून, हरिद्वार और अन्य प्रमुख शहरी इलाकों में बंद का खास असर नहीं दिखा और सामान्य गतिविधियां चलती रहीं।

प्रदेश के कई हिस्सों में राजनीतिक दलों और संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर खुली दुकानों को बंद कराने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कुछ समय बाद कई जगहों पर दुकानें फिर से खुल गईं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में विपक्षी दल और सामाजिक संगठन वीआईपी का नाम उजागर करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार पहले ही इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुकी है, लेकिन आंदोलनकारी संगठन सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

इससे पहले शुक्रवार को भी न्याय की मांग को लेकर प्रदेश बंद का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

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