अंकिता भंडारी केस: सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से घंटों पूछताछ के बाद तेज होगी SIT जांच
सुरेश राठौर
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो वायरल मामले में एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बयानों के बाद अब एसआईटी जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दोनों से अलग-अलग दिनों में घंटों लंबी पूछताछ की गई है और जांच के लिए अहम साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए ऑडियो में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई थी। इस ऑडियो को लेकर पहले बहादराबाद थाने में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद झबरेड़ा थाने में भी प्राथमिकी दर्ज हुई। हरिद्वार जिले में एक से अधिक मामले दर्ज होने के चलते एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया था।
ऑडियो वायरल होने के बाद दोनों आरोपी कुछ समय तक भूमिगत रहे थे। करीब नौ दिन बाद सामने आने पर एसआईटी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया। बृहस्पतिवार को एसआईटी ने उर्मिला सनावर से करीब सवा पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनके मोबाइल फोन सहित अन्य साक्ष्य भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि उर्मिला द्वारा दिए गए डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि ऑडियो की सत्यता और उसकी पृष्ठभूमि की पुष्टि हो सके।
वहीं शुक्रवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई। एसआईटी सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों में सामने आए तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि ऑडियो किस उद्देश्य से वायरल किया गया और इसके पीछे किसी साजिश की भूमिका तो नहीं है।
एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि अब तक की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता भंडारी केस पहले से ही संवेदनशील और चर्चित है। ऐसे में ऑडियो वायरल प्रकरण की जांच से जुड़े अगले कदमों पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।
