देहरादून: विवादित बयान पर मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू ने मांगी माफी
गिरधारी लाल साहू
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने हाल ही में दिए गए विवादित बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की महिलाओं के संबंध में उनके बयान को विपक्ष द्वारा तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो गया। गिरधारी लाल साहू ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उन्होंने बताया कि वे सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाघट में आयोजित माताओं-बहनों और बुजुर्गों के स्वागत समारोह में मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल के आमंत्रण पर शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके संबोधन के कुछ अंशों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उनका कहना है कि विपक्ष इस पूरे मामले को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है।
गिरधारी लाल साहू ने कहा कि वे न केवल सोमेश्वर विधानसभा बल्कि पूरे प्रदेश और देश की बेटियों को देवी के समान सम्मान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन महिलाओं के सम्मान और उत्थान से जुड़ा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वे बरेली में हर वर्ष श्री रामलीला के अवसर पर 101 निर्धन बेटियों के विवाह का आयोजन कराते हैं, जो उनके सामाजिक दायित्व का हिस्सा है।
उन्होंने दोहराया कि देश की समस्त बहन-बेटियां उनकी अपनी बहन-बेटियों के समान हैं। इसके बावजूद उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत कर विवाद खड़ा किया गया। गिरधारी लाल साहू ने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी भी व्यक्ति, वर्ग या समाज को ठेस पहुंची है या किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे सभी से हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हैं।
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। जहां विपक्ष लगातार बयान को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं गिरधारी लाल साहू का कहना है कि इस तरह के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय समाज को जोड़ने और महिलाओं के सम्मान के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि बयान के पूरे संदर्भ को समझा जाए और अनावश्यक विवाद से बचा जाए।
